Kabhi kisi ko mukmmal jaha nahi milta

Poet/Shayar’s Introduction 


Nida Fazli was a most prominent modern poet and shayar with wide popular appeal.Well-known film lyricist, prose writer.Born in Delhi, India into a Kashmiri family, Nida Fazli grew up in Gwalior, where he attended school and subsequently studied English literature. His father was also an Urdu poet. During the partition of India, his parents migrated to Pakistan, but Fazli decided to stay in India.

please read and listen “Kabhi kisi ko mukmmal jaha nahi milta” : –


कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता
कहीं ज़मीं तो कहीं आस्माँ नहीं मिलता

बुझा सका ह भला कौन वक़्त के शोले
ये ऐसी आग है जिसमें धुआँ नहीं मिलता

तमाम शहर में ऐसा नहीं ख़ुलूस न हो
जहाँ उमीद हो सकी वहाँ नहीं मिलता

कहाँ चिराग़ जलायें कहाँ गुलाब रखें
छतें तो मिलती हैं लेकिन मकाँ नहीं मिलता

ये क्या अज़ाब है सब अपने आप में गुम हैं
ज़बाँ मिली है मगर हमज़बाँ नहीं मिलता

चिराग़ जलते ही बीनाई बुझने लगती है
खुद अपने घर में ही घर का निशाँ नहीं मिलता

जिसे भी देखिये वो अपने आप में गुम है
ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबा नहीं मिलता


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One Response

  1. ishu April 3, 2017

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