Latest hindi love poems|हिंदी प्रेम कविता

किसी के भी दिल को जीतने के लिए प्रेम या प्यार सबसे बड़ा तरीका है, लेकिन प्रेम करने के लिए आपके भीतर प्रेम का होना बहुत जरूरी है |
और प्रेम या प्यार को पैदा करने के लिए शायरी एक ऐसा माधयम है जिससे हर कोई सुनने वाला अपने आप को हारा हुआ महसूस करता है |
इस ब्लॉग में आप पढ़ेंगे कि किस तरह आप अपने प्यार को अपने महबूब से कैसे जाहिर कर सकते है Latest hindi love poems | हिंदी प्रेम कविता के द्वारा !

जिक्र न करो उनका यूँ, सरे बाज़ार में। कि हम पागल हो गए ,आज उनके प्यार में।
वादा किया था उनको, रुसबा न होने देंगे। खुद को रुसवाई से बचाना ,नही इख्तियार मे।

माना सितम तेरे ,मुझ को बर्बाद करते हैं।
होके बर्बाद हम, तेरी खुशी की फरियाद करते है।
कभी कोई न लेगा नाम तेरा ,मेरी बर्बादी मे।
हम अपनी कहानी से तुम्हे, आज़ाद करते है।

हम मरे या जिए,हमारी बला से। अब तुझको मेरा ,फिक्र ही क्या।
ऐ हमे छोड़कर , जाने वाली। करे “अब तेरा जिक्र ही क्या “।

गर चले गए हो ,मेरी ज़िन्दगी से। तो याद बनकर तड़पाते क्यो हो।
कह दो अपनी यादो से,छोड़ दे दामन। यूँ हर पल मुझको ,रुलाते क्यो हो।

दफा करो इन ,हुस्न की परियो को। जो खुद पर इतना, नाज़ करती है।
इन्तहा करती है,अक्सर बेवफाई पर। जबकि वफ़ा से,आग़ाज करती है।

या खुद जानूँ,या खुदा जाने। कुछ न जाने ,ये खुदाई।
कितना तड़पते है,वफ़ा करने वाले। ये खूब जानती है ,बेवफाई।

दिल लगाने से पहले , मैं शायर न था। तेरे ठुकराने से पहले, मैं शायर न था।
तेरे हिजर ने, सिखा दी हमे शायरी। कलम उठाने से पहले, मैं शायर न था।

एक एक अल्फ़ाज़ ,एक एक अश्क से सजाया हैं।
स्याही मे हमने अपना ,खून ऐ दिल मिलाया है।
इन शेयरों मे ही छुपी है,मेरी उम्रे दास्तान।
पड़ोगे तो जान जाओगे, कौन अपना पराया है।

वो हमें भूल जाते है,जिन्हें हम याद करते हैं।
दिल जिन्हें चाहता है,वो ही बर्बाद करते हैं
उनका हर सितम ,याद बनकर रहता हैं सीने मे।
उनके हर सितम को, शेयरों में ही दाद करते हैं।

धड़कता है दिल , रूक रुक के। देखती है निगाह , छुप छुप के।
मेरी शायरी को, लतीफा न समझो। निकले है अल्फ़ाज़ ,दिल फूक फूक के।

गर तेरे इंतज़ार मे,मर भी गया दीवाना। तब भी मेरी रूह ,राहो में भटकती रहेगी।
बेचैनी बेकशी की , दास्तां फिर भी। बनके शायरी अक्सर ,किताबो मे छपती रहेगी।

उसकी खुशी के लिए ,दिल चाहे मौत अपनालू।
मगर मरने से पहले ,उन्हें इतना तो समझा लूं।
मरके भी जिंदा रहूंगा मैं, अपने लिखे शेयरो मे।
बाद में कहेंगे स्वर्गवासी ,अब तो दीवाना कह लू।

तेरे प्यार मे, हमने तो ये सीखा। बदला मुहब्बत का ,अब तो सलीका।

मिले न ढूँढे से,लैला मजनू की जोड़ी। सच्ची मुहब्बत दिलो मे,रह गयी थोड़ी।
खबर नही कब छोड़े, कोई दामन किसी का। तेरे प्यार मे ,हमने तो ये सीखा।

बेताब हो उठा है दिल,आकर तेरे शहर मे।
आया हूँअपनों को मै ठुकराकर,तेरे शहर मे।
इलतज़ाये करता फिरता हूँ ,मैं अब मुसाफिरों से।
कोई न लगाए दिल,कभी जाकर तेरे शहर मे।

शायद मेरे नसीब मे,न प्यार तुम्हारा था। शायद मेरे नसीब मे,न दीदार तुम्हारा था।
तभी तो दूर चले गए, आज तुम हमसे। शायद हमे मिलना , न तुम्हे गवारा था।

मौत ने भी,अपनाया मुझको। यारो ज़िन्दगी के, ठुकराने के बाद।
एक ही खुशी थी, जीवन मे मेरे। वो भी मिट गयी , उसके जाने के बाद।

तेरे शहर मे आकर, हम ये जान गए। यहाँ किसी से दिल ,लगाना ठीक नही।
करते है बरताब यहाँ सब, गैरों की तरह। बेवफाओ की तस्वीर, दिल में बसाना ठीक नही।

यूँ तो हज़ारो तरह के,सबको गम होते है।
मगर प्यार वाले गम,बहुत कम होते है।
क्यों लगाते हो दिल,जब जानते हो हकीकत।
की जमाने मे सबके सब,बेवफा सनम होते है।

ऐ दिल” ए” नादां दर्द की, जुस्तजू न कर। अपनी तमन्नाएँ, उनके रूबरू न कर।
बड़े पत्थर दिल होते हैं,ये हुस्न वाले। भूलकर भी तू,उसकी आरजू न कर।

हर घर मे रोशन देखे है,चिराग हमने। एक हमारा ही घर था ,जहाँ चिराग ही नही ।

यू तो मिले हर बार, धोखे ही मुझको। चलो एक बार कर लेते है ,ऐतबार ओर सही।
उमर बीत गयी मेरी ,पर तुम न आये कभी। दिल कहे फिर भी ,थोड़ा इंतज़ार ओर सही।

शिकवे है ढेरो ,कागज पे उतारने के लिए। वक्त कम है पास मेरे, कुछ विचारने के लिए ।
गर तेरे इंतज़ार में मुझे ,मौत भी आ गयी। आँखे रहेंगी खुली ,तुम्हे निहारने के लिए।

तुमसे किया हर वादा, निभाउंगा मैं। तेरे लिए दुनिया ,छोड़ जाऊंगा मैं।
आने का वादा कर, लौटके न आये । तेरे ही इंतज़ार मे, मर जाऊंगा मै।

अब भी रात दिन ,तेरा ही नाम जपती हैं जुबा।
मेरे दिल पे अब भी है ,तेरे दिए जख्मो के निशाँ।
याद रखना तेरा इंतज़ार करेगा, तब तक दीवाना।
फूक के जिस्म, जब तक न निकलेगा धुआँ।

दिल तेरा तलबगार, अब भी है। मेरे लिए इसमे प्यार ,अब भी है।
भले तुम न आये , जाकर दोबारा । दीवाने को तेरा ,इंतज़ार अब भी है।

तेरी राहो मे आँखे, बिछाये बैठे है। तेरे आने की उम्मीद, लगाए बैठे है।
जो रहती है साँसे, सीने मे दिल के साथ। अब तो वो भी हम ,तुझपे लुटाये बैठे हैं ।

वादे किये हुए मुहब्बत में , निभाओगे कैसे। मेरे लिए इस दुनिया से , टकराओगे कैसे।
पहरे बिछा दिए ,बना दिया एक कैदी। पहरो को तोड़कर , तुम आओगे कैसे।

इस दिल का क्या करे , जो उन्हें ही पुकारता है।
हर पल उसकी ही ,तस्बीर को निहारता है।
शायद कभी तो वो,मुझसे मिलने को आएंगे।
इसी उम्मीद पे ,हर पल हर दिन गुजरता है।

शेयरों मे गम, उतारा करता हूँ। अश्को से अल्फात , संवारा करता हूँ।
मैं ये जानता हूँ, की तुम नही आओगे। फिर भी तुम्हे ,पुकारा करता हूँ।

बरसों बीत गए ,तेरे इंतज़ार मे बैठे बैठे। क्या तेरा न आने का ,वही बहाना अब भी हैं।
हर तरफ है मुर्दों से ,श्मसान भरा हुआ । इन मुर्दो मे जिंदा तेरा ,दीवाना अब भी है।

From bottom of the heart #ShayariBazaar

Posted by ShayariBazaar on Friday, May 10, 2019

बेवफ़ा कर गई,मेरा कुछ हाल ऐसा। मेरी रूह भी तड़पती है,उसके प्यार मे।
जिस्म भले ही तबदील, हो चुका लाश मे। आंखें खुली है अब भी ,उसके इंतज़ार मे।

तड़पती है आज भी रूह, आधी रात को। निकल पड़ते है आंख से आँसू ,आधी रात मे।
इंतज़ार मे तेरे,बरसो बीत गए सनम मेरे । दिल को है आस आएगी तू ,आधी रात मे।

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आंख अब भी है खुली , तेरे इंतज़ार मे। ये बात ओर है, कि हमे मौत आगयी ।

तेरे मिलने की हर उम्मीद ,खाक हो गयी। जाने क्यों दिल को है,इंतज़ार तेरे आने का।

रोकते नही वो हमारे लिए कदम, तो हम क्या करे।
शायद मुड़कर आएंगे हमारे लिए , इसी का इंतज़ार है।

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One Response

  1. Sachin October 3, 2019

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