Shayari in Hindi, Love Shayari in Hindi, लव शायरी

Shayaribazaar पर आज आप पढ़ेंगे “Shayari in Hindi, Love Shayari in Hindi, लव शायरी” जो की खास आपके लिए चुन चुन कर एकत्र की गयी है !
प्यार में वो ताकत है की वो दुनिया की बड़ी से बड़ी ताकत को हरा सकता है और आपके प्यार का गुलाम बना सकता है ! तो पढ़िए लव शायरी और करिये अपनी मोहब्बत का इजहार अपने महबूब से !

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जिस प्यार को ,माना था जिंदगी । आज वो ही, मौत का हथियार बन गया ।
जिस फूल को, लगाया उनके गेसुओं में। वो फूलो से मिल ,मेरे जनाजे का हार बन गया।

गर एक बार, दीवाने को। अपनी इक, झलक दिखा देते।
कसम खुदा की, तेरी राहों में। जमीन की जगह, फलक बिठा देते।

कुछ अपनों ने मारा ,कुछ बेगानों ने मारा। हमें तो लोगों के, एहसानों ने मारा।
गरीब पर तो ,खुदा भी रहम बख्शता है। हम गरीबो को, समाज के धनवानों ने मारा।

तेरी खुशी के लिए, गम अपनाया हमने । आंखों में अपनी ,नीर बहाया हमने।
मेरी हर तकलीफ से ,नवाफिक हो गए। जख्मो दिल तुम्हे ,कई बार दिखाया हमने।

मेरी वफ़ाएं, सभी लोग जानते हैं। उसकी जफा ए ,सभी लोग जानते हैं ।
वो ही न, समझ पाए मेरी शायरी। दिल की सदाये, सभी लोग जानते है।

तुम्हें बेवफा कहेंगे तो, यह तुम पर इल्ज़ाम होगा। अपनी की हुई वफाओ – का कत्ल सरेआम होगा।
छोड़ देंगे फिर, आशिक मोहब्बत यह सोचकर। कि वफा का हर बार, जफा ही अंजाम होगा।

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तेरे लिए हमने जिंदगी, फना न की होती। गर दिल तोड़ने की, तूने खता न की होती।
न होता कोई शिकवा, न ही शिकायत कोई । गर दीवाने ने, तुझसे कभी वफ़ा न की होती।

गर तुम मुझको अपनाते ,तो कोई बात होती। गर तुम मुझको ठुकराते तो कोई बात होती
छोड़ कर चले गए, बिन बताए तड़पने के लिए। गर हाथों से जहर पिलाते, तो कोई बात होती।

लाखों दिए, मोहब्बत के इंतहान। दोस्तों तब भी, हम नाकाम रहे ।
चाहे कितने ही, बेवफा थे हम। बेवफा के नाम से, बदनाम रहे।

तो क्या हुआ, जो मोहब्बत में ।एक दीवाना, बर्बाद हो गया।
चलो कैसा गिला, खुदा से ।घर उसका तो, आबाद हो गया।

जब हमारे नसीब में ही ,मोहब्बत नहीं । तो इसमें भला, आप क्या कर सकते हो ।
जब मिलनी है आपको ,जिंदगी में खुशियां। तो साथ दीवाने के ,कैसे मर सकते हो ।

मेरी मौत के, सबब बने ।इस दिल के रब ,आप बने ।
पहले मिसाल थे ,वफा की। जाने यू बेवफा ,कब आप बने।

मैं तेरी बेवफाई पर, गिला क्या करूं। जख्म तेरे दिए हुए ,सिला क्या करूं।
तूने ही कहलवाया, मेरे शहर नआना । फिर तू ही बता, तुझे मिला क्या करू।

देखी तेरी वफा ,देखा तेरा प्यार। एक ही पल में, तोड़ गए एतबार ।
दुनिया की हर बात ,सरआँखों पर। मेरी कोई बात, न कि स्वीकार।

दिल लगाकर, जिस्म की दीवार पे रोया । मैं पागल, उसके झूठे प्यार पे रोया ।
मर गया में, जिसके हिजर मैं यारो । दो एक बार न आकर, मजार पे रोया ।

प्यार मेरा भुलाकर,गैर अपनाएं उसने। कुछ इस तरह ,मुझ पर सितम ढाए उसने ।
कहीं जुबा से, मैं उसको बेवफा न कह दू। बहाने अजीबो गरीब, बनाये उसने।

हो गया प्यार चंद ही मुलाकातों में | उड़ाने लगे चैन वो बनके ख्वाब रातो में |
आंखों की आंखों से मिलकर जब प्यास ना बुझी | पहुंचने लगे प्यार हम भरकर सौगातों में ||

जिस दिन से मुझको उनसे मोहब्बत हो गई | गमों में जीने मरने की आदत हो गई |
मैंने इबादत की उनकी खुदा से भी बढ़कर | यही गुस्ताखी खुदा की नजरों में बगावत हो गयी ||

याद में तेरी रात भर हम अश्क बहाते रहे | गर एक शमा बुझ गई दूसरी शमा जलाते रहे |
अश्कों की धार से बार-बार लिखा नाम तेरा | कहीं पढ़ ना ले जमाना यही सोचकर मिटाते रहे ||

जुबा से न बोलिए हम समझ लेते हैं | तुम्हारी आंखों में देखकर तस्वीर अपनी।

तेरे हाथों में मुझे अपनी तकदीर नज़र आती है , देखूं मैं जो भी चेहरा तेरी तस्वीर नज़रआती है

तूने मुझ को पूरी तरह ठुकराया नहीं है |तू भूल गई तेरे दिल में भुलाया नहीं है |
जब भी जी चाहे आ जाना हम तेरे ही हैं | दिल में अब तक कोई भी बसाया नहीं है ||

तुझको याद करके रोता है अब दीवाना तेरा | जो ना भूल पाएगा कभी भी ठुकरा ना तेरा |
तुम हमें भूल जाओ शायद यह फितरत है तेरी | मुश्किल है हमारे लिए प्यार भुला ना तेरा ||

रूठ कर जो हमसे यूं मुँह मोड़ लेते हो | खुद ही गमों से रिश्ता जोड़ लेते हो |
कभी करके गुफ्तगू बांट लिया करो | गम क्यों गमों का दामन खुद पे ओढ़ लेते हो ||

तेरे कूचे पर आकर मन को सुकून मिला है | मेरी मोहब्बत को और भी जुनून मिला है |
बेरंग मेहंदी को छोड़कर यह मेहंदी लगाना | क्योंकि इस मेहंदी में मेरे दिल का खून मिला है ||

वह हमें याद नहीं करते तो ना सही | मगर हम उन्हें क्यों याद करना छोड़ दे |
वह हमसे मिलने नहीं आते ना सही | क्यों हम मिलने की फरियाद करना छोड़ दे ||

तुम्हारी याद के सहारे जिए जाते हैं | वरना हम तो कब के मर गए होते |
जो जख्म दिल पर नासूर बन गए | जख्म वह कब के भर गए होते ||

भले तेरे लिए तेरा प्यार हूं मैं | दुनिया की नजर में गुनहगार हूं मैं |
तुम समझते हो फुल मोहब्बत का मुझे | उनकी नजर में जहरीला खार हूं ||

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मैं प्यार करने वालों को गुमान नहीं होता | भले उनका इस दुनिया में मान नहीं होता |
रहे उम्र भर दिल में महबूब का चेहरा | महबूब इनके दिल का मेहमान नहीं होता ||

कभी अपना कर तो देखो हर खुशी तुम्हारी है | मेरा दिल क्या मेरी यह जिंदगी तुम्हारी है |
एक मासूम गम का झोका गिरा जाए किस को | इतनी भी नाजुक नहीं दोस्ती हमारी है ||

अब हर गम तेरा अपना लूंगा में | खुशियां तेरे कदमों में बिछा दूंगा मैं |
साथी तेरा रहा तो देखेगा जमाना | दुनिया को भी एक दिन झुका दूंगा मैं ||

तू खुश होगी अमीर होकर मैं गुरबत का मारा हूं |
तू जीत गई बाजी जफा ही में मोहब्बत को हारा हूं |
तुम एक बार भी ना सोचा क्या हाल होगा दीवाने का |
तू चली गई बनकर दुल्हन देख मैं अब भी कुंवारा हूं ||

न वह आम रहे ना हम खास रहे |जाने क्यों आंसू पीकर भी हमें प्यास रहे |
सारी दुनिया मुस्कुराती हे दोस्तों |दिल हमारा हमेशा ही उदास रहे ||

शायद तुमने हमारा ख्याल भी छोड़ दिया होगा | मगर हमने हर सांस में लिया नाम तुम्हारा |

खो गए हमसे हमारी मंजिलों के रास्ते | अब घूमता हूं पागलों की तरह तेरे शहर में |
मौत बक्शी है जिसने उस मोहब्बत की कसम | अब भी करता हूं इंतजार बैठकर मजार में ||

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