मोटिवेशनल शायरी 😋 Motivational Shayari in Hindi 🤕 2018

मोटिवेशनल शायरी 😋 Motivational Shayari in Hindi 🤕 2018
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दोस्तों आज आपके लिए हम प्रस्तुत करने जा रहे हैं मोटिवेशनल हिंदी शायरी ( Motivational Shayari in Hindi) जो आपके अंदर एक ऊर्जा का स्त्रोत पैदा कर देगी और आपको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी बिना मोटिवेशन और प्रेरणा के जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती इसलिए शायरी बाजार आपके लिए लेकर आया है मोटिवेशनल शायरी (Motivational Shayari)

Motivational Shayari in Hindi


Tadapte hai na Rote Hain
Na Hum Fariyad Karte Hain
Sanam Ki Yaad Mein har dam
Khuda Ko Yaad Karte Hain

 

Dushmani lakh Sahi, khatam na Kije Rishta
Dil mile Na mile Haath milate rahiye



Chup Jata Hai Suraj Jis waqt nikalta hai

koi In Aankhon Mein Sari Raat tahlta hai

Na Tha Kuch To Khuda tha

Kuch Na Hota To Khuda Hota

Doboya Mujhko Hone Ne

Na Mein Hota To Kya Hota

Agar Mauj hai beach Dhare Chala Chal

Varna Kinare Kinare Chala Chal

Tujhe Sath dena hai BahRoopiyo ka

naya Roop Da Re Chala Chal

Sab Ko Dil Ke Daag dikhaye

Ek Duje Ko Dikha Na Sake

Tera Daman Dur nahi tha

hath hami faila Na Sake



Wo Hame Raah Mein Mil Jaye

zaroori To Nahi

Khud BA Khud Mit Jaaye

zaroori To Nahi

 

Yeh Chand Roz ka Husn O Shabab Dhoka hai s

ada bahar Hai Kaante Gulab Dhoka hai

Banda to is iqrar pe bikta Hai

Tere Haath lena hai agar mole to Azad na karna



Banda to is iqrar pe bikta Hai Tere Haath

lena hai agar mole to Azad na karna

 

Baith Jata Hu Mitti Pe Aksar
Kyuki Mujhe Apni Aukat Achi Lagti Hai.

 

Maine Samundar Se Sikha Hai Jeene Ka Salika,
Chupchap Se Behna Aur Apni Mauj Me Rehna..!!

 

Aisa Nahi Hai Ki Mujhme Koi Aib Nahi Hai,
Par Sach Kehta Hoon Mujhme Koi Fareb Nahi Hai



जल जाते हैं मेरे अंदाज से मेरे दुश्मन
क्योंकि एक जमाने से मैंने ना मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले

 

एक घड़ी खरीद कर हाथ मे क्या बांध ली
यह वक्त पीछे ही पड़ गया मेरे

 

सोचता था घर बना कर सकून से बैठूंगा
पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला

 

सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब
बचपन वाला इतवार अब नहीं आता

 

शौक तो मां बाप के पैसों से पुरे होते हैं
अपने पैसों से तो बस जरूरतें ही पूरी हो पाती हैं


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जीवन की भाग दौड़ में क्यूं वक़्त के साथ
रंगत चली जाती है हंसती खेलती जिंदगी भी
आम हो जाती है

एक सवेरा था जब हंस कर उठा करते थे हम
और आज कई बार बिना मुस्कुराए ही शाम हो जाती है

 

कितने दूर निकल गए हम रिश्तो को निभाते निभाते
खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते
लोग कहते हैं कि हम मुस्कुराते बहुत हैं
और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते



खुश हैं और सबको खुश रखता हूं
लापरवाह हूं फिर भी सबकी परवाह करता हूं

 

चाहता हूं कि इस दुनिया को बदल दूं
पर दो वक्त की रोटी के जुगाड़ से फुर्सत नहीं मिलती

 

महंगी से महंगी घड़ी पहन कर देख ली
फिर भी यह वक्त मेरे हिसाब से कभी ना चला

 

यूं ही हम दिल को साफ रखने की बात करते हैं
पर कीमत तो चेहरों की हुआ करती है

 

अगर खुदा नहीं है तो उसका ज़िक्र क्यों
अगर खुदा है तो फिक्र क्यों

 

दो बातें इंसान को अपनों से दूर कर देती हैं
एक उसका अहम तो दूसरा उसका वहम

 

पैसे से सुख कभी खरीदा नहीं जाता
और दुख का कोई खरीददार नहीं होता

 

मुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं
पर सुना है सादगी में लोग जीने नहीं देते

 

किसी की गलतियों का हिसाब ना कर
खुदा बैठा है हिसाब ना कर
ईश्वर बैठा है हिसाब ना कर |

 



तेरे प्यार में हमने तो यह सीखा
बदला मोहब्बत का अब तो सलीका

मिले ना ढूंढे से लैला मजनू की जोड़ी
सच्ची मोहब्बत दिलों में रह गई थोड़ी
खबर नहीं कब छोड़े कोई दामन किसी का
तेरे प्यार में हमने तो यह सीखा

भला उससे क्या दिल लगाएगा कोई
ठुकराए हुए को क्या अपना आएगा कोई
जिसके नसीब में ना हो एक पल खुशी का
तेरे प्यार में हमने तो यह सीखा

यह भी जानते हैं जिन्होंने ठुकराया
की दीवाने ने अब तक न कोई अपनाया
न मौत को अपनाया न छोड़ा दामन जिंदगी का
तेरे प्यार में हमने तो यह सीखा


जब जब वो मेरे पास आती है

एक महका महका सा एहसास छोड़ जाती है

न हम कुछ बोल पत है न वो कुछ

बस दिल ही दिल प्यार का इज़हार कर जाती है!!


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वो भी एक वक्त था जब सबसे तेरी ही बातें होती थी
आज कोई तेरा नाम भी ले तो बात बदल देते है हम !!

 

हो सके तो जीवन में दो काम कभी भी मत करना,
एक जूठे इंसान से प्रेम और सच्चे इंसान से गेम

 

तुम नाराज हो जाओ, रूठो या खफा हो जाओ,
पर बात इतनी भी ना बिगाड़ो की जुदा हो जाओ !!



मोहब्बत करने वालो का, यही हश्र होता है ।
दर्द ए दिल होता है ,दर्द ए जिगर होता है ।
बंद होंठ कुछ ना कुछ , गुनगुनाते ही रहते हैं ।
खामोश निगाहों का भी ,गहरा असर होता है

मोहब्बत की हद है सितारों से आगे
प्यार का जहां है बहारों से आगे
दो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी
तो बहते बह गई किनारों से आगे

 

जिसमें धड़कन ही नहीं वह दिल ही क्या
जिसका कोई राही नहीं वह मंजिल ही क्या
निगाहों से करते हैं कत्ल आज हुस्न वाले
जिन हाथों में खंजर हो वह कातिल ही क्या

 

सब हसीन चेहरे धोखेबाज होते हैं
इस बात का हमें पहले इल्म ना था
अब हुआ इल्म तो रो रो दिल कहे
किया पहले किसी ने ऐसा जुल्म ना था

 

किया इश्क ने मेरा हाल कुछ ऐसा
ना अपनी खबर ना ही दिल का पता है
कसूरवार थी मेरी यह दौर ए जवानी
मैं समझता रहा सनम की खता है

दिल ही दिल में हम तुमसे प्यार करते हैं हम ऐसे हैं जो मोहब्बत में जहां निसार करते हैं निगाहें मिलाते हैं अक्सर लोगों से छुपा कर जैसे किसी गुनाहों को यारों गुनहगार करते हैं

दर्दे दिल अक्सर निगाहों से बयां होता है गम की आग में दोस्तों कब दुबला होता है तड़पति दिल के उसी कोने में होती है बेवफा महबूब का निवास जहां होता है

न वो कुछ कहते हैं ना कुछ हम कहते हैं
मगर निगाहें बहुत कुछ, होंठ कुछ कम कहते हैं
हम चाहते हैं कुछ कुछ हम कहें कुछ वो कहें ,
बात यही हम बार-बार तुझसे सनम कहते हैं

आंखों में ना थीं बेकसी दीदार करने से पहले
बड़ा था सुकून दिल को इजहार करने से पहले
अब यह हाल है कि हम खुद को भूल चुके
करते थे खुदा को याद प्यार करने से पहले



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