Pyar kabhi ek tarafa hai na hoga – Gulzar love shayari

Gulzar, is an Indian poet, lyricist and film director.

Born in Jhelum District in British India.

Gulzar also wrote poetry, dialogues and scripts. He was awarded Padma Bhushan, the third-highest civilian award in India

Here we are representing his one of most famous poetry “Pyar kabhi ek tarafa hai na hoga – Gulzar love shayari 


प्यार कभी एकतरफा न होता है न होगा,
दो रूहों की एक मिलन की जुड़वां पैदाइश है यह,
प्यार अकेला जी नहीं सकता।

जीता है तो दो लोगों में,
मरता है तो दो मरते हैं।
प्यार एक बहता दरिया है,

झील नहीं की जिसको किनारे बाँध के बैठे रहते हैं,
सागर भी नहीं की जिसका किनारा होता नहीं,
बस दरिया है और बहता है।

दरिया जैसे चढ़ जाता है, ढल जाता है,
चढ़ना ढालना प्यार में वह सब होता है।
पानी की आदत है ऊपर से नीचे की जानिब बहना,
नीचे से फिर भागते सूरत ऊपर उठना,

बदल बन आकाश में बहना,
कांपने लगता है जब तेज़ हवाएँ छेड़ें,
बूँद बूँद बरस जाता है।

प्यार एक जिस्म के साज़ पे बहती बूँद नहीं है,
न मंदिर की आरती है न पूजा है,
प्यार नफा है न लालच है,
न लाभ न हानि कोई।

प्यार ऐलान है, अहसान है, न कोई जंग की जीत है यह,
न ही हुनर है, न ही इनाम, न रिवाज़, न रीत है यह,
यह रहम नहीं, यह दान नहीं,
यह बीज नहीं, जो बीज सके,
खुशबू है, मगर यह खुशबू की पहचान नहीं।

दर्द, दिलासे, शक, विश्वास, जूनून,

और होश-ओ-हावास की एक अहसास के कोख से पैदा हुआ है,
एक रिश्ता है यह,
यह सम्बन्ध है –
दो नाम का, दो रूहों का, पहचानों का,
पैदा होता है, बढ़ता है यह,
बूढा होता नहीं।

मिट्टी में पले एक दर्द की ठंडी धूप तले,
जड़ और तरक्की की फसल,
काटती है,
मगर यह बांटती नहीं।

मट्टी और पानी और हवा कुछ रौशनी और तारीकी कुछ,
जब बीज की आँख में झांकते हैं।
तब पौधा गर्दन ऊंची करके,
मुँह नाक नज़र दिखलाता है,
पौधे के पत्ते पत्ते पर कुछ प्रश्न भी है उत्तर भी।

किस मिटटी की कोख था वह,
किस मौसम ने पाला पोसा,
और सूरज का छिड़काओ किया,
किस सिम्त गयीं शाखें उसकी।

कुछ पत्तों के चेहरे ऊपर हैं,
आकाश की जानिब तकते हैं,
कुछ लटके हुए हैं,
ग़मगीन मगर,
शाखों की रगों से बहते हुए पानी से जुड़े हैं,
मट्टी के तले एक बीज से आकर पूछते हैं-

हम तुम तो नहीं,
पर पूछना है-
तुम हमसे हो या हम तुमसे।

प्यार अगर वह बीज है तो,
एक प्रश्न भी है,
एक उत्तर भी !


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