Romantic Shayari On Love & Beautiful Romantic Shayari रोमांटिक शायरी

Romantic Shayari On Love & Beautiful Romantic Shayari रोमांटिक शायरी
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Romance is the expressive and pleasurable feeling of an emotional attraction towards another person. This feeling is associated with but does not necessitate sexual attraction. For most people, it is eros rather than agape, philia, or storge.

In the context of romantic love relationships, romance usually implies an expression of one’s strong romantic love or one’s deep and strong emotional desires to connect with another person intimately or romantically. Historically, the term “romance” originates with the medieval ideal of chivalry as set out in its chivalric romance literature. Romantic Shayari On Love is beautiful love lines for true lovers. Source Wikipedia

Our strength to feel romantic love develops during youth. Teens all over the world see strong feelings of attraction. Even in our cultures where people are not permitted to express these feelings to their true lovers. So true lovers need to share their feeling in another way so they search Romantic Shayari On Love on google and share their feeling.

 

Romantic Shayari On Love In Hindi 

नही ख्वाईश अब जिन्दगी की,
बहाना ढूंढ़ते हैं मर जाने का ॥
नही निभा सकते दस्तूरे- उल्फत
बहाना ढूंढ़ते हैं जुदा हो जाने का ।

Romantic Shayari On Love

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डरते भी है जुदा होने से,
आपकी मासूमियत में प्यार नजर आता है। ।
क्या हाल होगा जुदाई के बाद
तेरा हर दर्द अपना नज़र आता है ।

जरा इन आसुओं को थम जाने दो,
बाहर बरसात बहुत है।

Mil kar judd hue to naa soya
karenge hum..
Ek duje ki vaad mein bus roya
karenge hum

मिलकर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम
एक दूजे की याद में बस रोया करेंगे हम।

Tujhse mine ki justajoo bhi hai,
dil mein tu rubrao bhi hai,
humne socha ki dil ko juld ddle
phir khayal acya ki dil mein tu hi
tu hai.

 

तुझसे मिलने की जुस्तजू भी है,
दिल में तू रूबरू भी है,
हमने सोचा कि दिल को जला डालें
फिर ख्याल आया कि दिल में तू ही तू है।

Tut gayi mohabbut ki doori reh
ga meri hasrate adhuri Jisko
laya tha indagi mein bude
armano se o to ek khandb bhi
hursot bankar hi reh gayi.

टूट गई मौहब्बत की डोरी
रह गईं मेरी हसरतें अधूरी
जिसको लाया था जिन्दगी में बड़े अरमानों से

 

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तुम कहते भी हो अपना मुझे
करीब आने की इजाजत नहीं देते ॥
सुनाना चाहती हूं कि हाले दिल
करीब आने की इजाजत नही देते।

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तुमसे दूर रहना मेरी मजबूरी है,
तुमसे हाल-ए-दिल बताया नही जाता ॥
बस इतना समझ लो ”दीप’,
इस जहां में प्यार निभाया नही जाता ॥

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कारवां लुटते हैं मंजिल पर आके
कश्तियां अक्सर साहिल पे डूब जाती है ।
हसरत ही बाकी रहती है प्यार की,
कश्तियां प्यार की अक्सर डूब जाती है ।

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ना है कोई हमदम ना रहा कारवां,
बस तन्हा सफर काटना है।”
चंद यादें – बाकी हैं , उसकी,
जिसके सहारे सफर काटना है ।

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रहे सलामत दुश्मन मेरी,
जरूरत नही पड़ेगी न पीने की ॥
इस कदर देंगे वो जख्म
जरूरत नही रहेगी सीने ॥

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जाने अनजाने प्यार हुआ,
बस इतनी ही खता हमारी है ॥
ना ही कि कोई गुनाह किया
और ना कोई खता हमारी है।

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ना देपायेंगे धोखा तुम्हें,
और ना हो पायेंगे जुदा तुमसे ॥
एक लाश बन जायेगे
बस होकर ‘‘दीप” जुदा तुमसे ॥

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बहुत दिया धोखा खुद को,
नही हिम्मत अब और धोखा खाने की।
भले ही होना पड़े जुदा है तुमसे
नही हिम्मत अब और फरेब रचाने की।

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ना दे सकेगें को दगा तुमको
ना मिलेगा सच्चाई से प्यार हमे ॥
होगा आलम दीवानगी – का,
कर देगा इश्क में बिमार हमे ॥

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ना सुन सकोगी हकीकत मेरी,
‘‘दीप” मुझपर हक किसी और का है।
तुमसे हो गया है प्यार मुझको भी,
दीप” मेरे प्यार पे हक किसी और का है ॥

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ना होता प्यार तुमसे ‘‘दीप”
हाल दिल का कह नही पाता।
भले ही होता ये धोखा
‘दीप” मै भी आपके दिल में बस जाता ॥

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जो सच था तुम्हें मैं बता दिया
तुम चाहो तो ठुकरा दो प्यार मेरा।
जख्मी दिल है ही पास मेरे.
कर सको तो कर लो ऐतबार मेरा।

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जिससे प्यार हो उसे धोखा दिया नही जाता,
झूठ से दामन वफा का थामा नही जाता ॥
अंजाम होता है बेदर्द जुदाई
सच्चाई से ”दीप” प्यार पाया नही जाता ॥

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एक तरफ है आपकी चाहत
दूसरी तरफ दिल की आवाज है।
एक तरफ है पांव में बेड़ियां
दूसरी तरफ जालिम समाज है।

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आपकी चाहत की खातिर,
कुछ सच और कुछ झूठ बोलना पड़ा।
ना दे सके ‘‘दीप’ धोखा तुम्हें,
बस दामन अश्कों से भिगोना पड़ा।

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खता सबसे होती है
वो प्यार ही क्या जिसमें दगा ना हो।
वो प्यार कभी सच्चा नहीं होता,
जिसमें किसी और दिल की सजा ना हो ।

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Ummidion ke sahare Jiye ja rahe
hai, teru num tob se liye ja rahe
hai, ek tum Ho ki udne ka num
nahin lete ek hum hai ki intezaar
kiye jud rahe hai.

उम्मीदों के सहारे जिये जा रहे हैं,
तेरा नाम तब से लिये जा रहे हैं,
एक तुम हो कि आने का नाम नहीं, लेते एक
हम हैं कि इन्तजार किये जा रहे हैं।
Unhe bhoolne ki koshish ki
maine

 

dil ne kaha youd karte rehnd…
0o hamare dard ki jariyad sune
n o Gune ,
apna tojrk hai unhe pyar karte
rehnd.

उन्हें भूलने की कोशिश की
मैंनेदिल ने कहा याद करते रहना.
वो हमारे दर्द की फरियाद सुने ना सुने
अपना तो फर्ज है उन्हें प्यार करते रहना।

Ek nd elk shamd undhere mein
jalaye rukhiye,
Subh hone ko hai mahol banaye
rakhiye

 

 

मिलना था इत्तेफाक, बिछड़ना नसीब था,
वो उतना ही दूर हो गया जितना करीब था।

मैं उसको देखने को तरसती ही रह गई,
जिस शख्स की हथेली में मेरा नसीब था।

बस्ती के सारे लोग ही आतिश परस्त थे,
घर जल रहा था जब की समंदर करीब था।

दफना दिया गया मुझे चांदी की कब्र में,
मैं जिसको चाहती थी वो लड़का गरीब था।

“अंजुम” मैं जीत कर भी यही सोचती रह गई,
जो हार कर गया बड़ा खुशनसीब था।

 

milna tha ittefaq bichadna naseeb tha,
wo itni door ho gaya jitne qareeb tha,

me usko dekhne ko tarasta hi reh gaya,
jis shakhs ki hadli me mera naseeb tha.

Dafna Diya Gaya Mujhe Chandi Ki Kabr Mein
Main Jise Chahti Thi Woh Ladka Gareeb Tha

Basti Ke Sare Log Aatishparast The
Ghar Jal Raha Tha Samander Kareeb Tha

Mariyam Kahan Talaash Kare Apne Khoon Ko
Har Shaqs Ke Gale Mein Nishane Saleeb Tha

 

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